| 32525 |
आठ दृष्टि स्वाध्याय |
यशोविजय |
अध्यात्म |
19 |
श्रेष्ठ |
| 32639 |
गोडीजी स्तवन |
नेमविजय |
स्तुति |
19 |
श्रेष्ठ |
| 32801/23 |
विविध कल्यादी संग्रह |
— |
— |
19 |
श्रेष्ठ |
| 43242/5 |
हिंडोलो (रंगीन) |
— |
— |
19 |
श्रेष्ठ |
| 82857 |
भागवत पुराण- द्वितीय स्कंध - वृत्ति सह |
— |
— |
19 |
मध्यम |
| 60323 |
प्रश्नोत्तर सार्धशतक भाषा |
क्षमा कल्याण गणि |
— |
1853 |
मध्यम |
| 43396 |
पर्युषणाक्षमापना पत्रिका स.गो. 84 |
— |
— |
1853 |
जीर्ण |
| 58158 |
चित्र सेन पद्मावती चरित्र (टबा सह) |
— |
— |
1854 |
श्रेष्ठ |
| 12799/11 |
पार्श्व जिन स्तवन |
विजयसिंहसूरि, देववाचक |
— |
1855 |
जीर्ण प्राय |
| 82652 |
शुक बहुत्तेरी कथा - गद्य |
देवदत्त भट्ट |
— |
1856 |
मध्यम |
| 58777 |
दानादि कुलक बालावबोध |
देवेन्द्रसूरि |
— |
1857 |
श्रेष्ठ |
| 43161/1 |
चित्र पृष्ठिका (रंगीन) |
— |
— |
1860 |
श्रेष्ठ |
| 43030 |
स्थूलिभद्र नवरसो आदि |
— |
— |
1863 |
श्रेष्ठ |
| 82723 |
वेदांतसार वृत्ति |
— |
— |
1863 |
— |
| 61494 |
चन्द्र प्रज्ञप्ति टीका |
— |
आगम |
1864 |
मध्यम |
| 81725 |
चंद्रलेहा चौपाई- सामायिक विषये |
मतिकुशल खरतर |
— |
1865 |
श्रेष्ठ |
| 61733 |
पंचसंग्रह टीका |
— |
तत्त्वज्ञान |
1867 |
श्रेष्ठ |
| 58687 |
सिन्दूर प्रकरण टीका |
सोमप्रभाचार्य |
— |
1867 |
मध्यम |
| 35294 |
धूर्त्ताख्यान प्रबंध बालाविबोध रुप कथा |
हरिभद्र सूरि |
कथा |
1868 |
मध्यम |
| 43453 |
ज्ञानबाजी (वस्त्रपट) |
— |
— |
1868 |
श्रेष्ठ |
| 2386/1 |
शाश्वत जिन स्तुति |
पद्मविजय |
— |
1869 |
श्रेष्ठ |
| 43426 |
परिवाडशा॰ रामचंद्र पुत्री जन्मपत्रिका |
— |
— |
1869 |
जीर्ण |
| 44872/1 |
अक्षयतृतीया व्याख्यान (गद्य) |
पाठक क्षमा कल्याण |
उपदेश |
1870 |
श्रेष्ठ |
| 22491 |
पट्टावली (अंचल गच्छीय) |
— |
ईतिहास |
1871 |
श्रेष्ठ |
| 80790 |
विक्रमादित्य चोबोली चोपई |
शिवकीर्त्ति र.सं. 1821 |
— |
1875 |
— |
| 81708 |
नंदीसूत्र वृत्ति टीका |
मलयगिरि सूरि |
आगम |
1876 |
मध्यम |
| 47246 |
चोवीस जिन पंचकल्याणक स्तवन |
— |
— |
1877 |
श्रेष्ठ |
| 61682 |
लोकनालिका द्वात्रिंशिका सूत्र वार्त्तिक |
— |
लोक |
1877 |
श्रेष्ठ |
| 58287 |
सुक्तावली भाषा |
— |
— |
1878 |
मध्यम |
| 43430 |
चोवीसजिन संक्षिप्त चरित्र |
— |
— |
1879 |
श्रेष्ठ |
| 42989 |
क्षेत्र समासविचार यंत्रसह |
— |
जैनभूगोल |
1880 |
जीर्ण |
| 82806 |
विचार सप्ततिका प्रकरण |
— |
— |
1880 |
— |
| 57075 |
अध्यात्म रामायण उमा महेश्वर संवाद उत्तरकांड राम गीता |
— |
— |
1880 |
मध्यम |
| 82024 |
जंबूद्वीप प्रज्ञप्ति उपांग सूत्र - स्तबक सह |
— |
— |
1881 |
श्रेष्ठ |
| 82725 |
जातक पद्धति व्याख्या सह (स्वोपज्ञ) |
केशव |
— |
1882 |
मध्यम |
| 82385 |
कर्मग्रंथ सूचि (षष्ठ) (यंत्ररूपे) |
सुमतिवर्धन मुनि |
— |
1884 |
श्रेष्ठ |
| 52425 |
महावीरजिन स्तवन आदि चोवीसी स्तवन |
मांनविजय |
— |
1885 |
श्रेष्ठ |
| 43193 |
पंचजिन स्तोत्र- हारा चित्र |
कुलमंडनसूरि |
स्तोत्र |
1885 |
श्रेष्ठ |
| 46434 |
ध्वनि मंजरी कोश. एकाक्षर कोष |
— |
कोष |
1885 |
जीर्ण |
| 43428 |
ओसवाल मगनलाल सुत जन्मपत्रिका सचित्र |
— |
— |
1885 |
श्रेष्ठ |
| 83504/3 |
हरजस |
जैमलदास |
— |
1885 |
श्रेष्ठ |
| 43258 |
हाथी-पोठी तथा पोपट बंधी-रेखाचित्र |
— |
— |
1886 |
श्रेष्ठ |
| 57344 |
षटबंधव गज सुकुमालजी कृष्णबलभद्रजीनां अधिकारना एकवीसमी |
माल मुनि |
— |
1889 |
मध्यमजीर्ण |
| 43395 |
विज्ञप्ति पत्र (सचित्र) स.गो. 83 |
— |
— |
1892 |
जीर्ण |
| 82376 |
विदग्ध मुख मंडन - काव्य वृत्ति |
दुर्गदास कवि |
— |
1894 |
— |
| 80858 |
अमरकोश - सटीक- तृतीय कांड |
— |
— |
1896 |
श्रेष्ठ |
| 60873 |
कर्मग्रन्थ (तृतीय चतुर्थ) सूची यंत्र |
देवेन्द्र सूरि |
कर्म |
1896 |
मध्यम |
| 22569 |
पट्टावली (पाट-69,पुण्य सागर.सुधी) |
— |
ईतिहास |
1896 |
जीर्ण |
| 59810 |
कल्पसूत्र वृत्ति |
— |
आगम |
1900 |
मध्यम |
| 59982 |
नवतत्त्व संग्रह |
— |
तत्त्वज्ञान |
1905 |
श्रेष्ठ |