← back to browse · #12659
गजसुकुमाल मुनि सज्झाय
by देवचंद · 19 · गुजराती
Details
Source
View this manuscript on the LD Institute of Indology catalogue:
Open on ldindology.org ↗Share
https://mss-mirror.vercel.app/manuscript/12659
Related manuscripts
आगमसारोद्धार
देवचंद
19
आगम
पंचमीनी स्तुति
देवचंद
1783
स्तुति
नवतत्त्व रास
देवचंद
1785
तत्त्वज्ञान
सुकोशल सज्झाय
देवचंद
18
गीत
आत्मशिक्षा गीत
देवचंद
20
गीत
समस्यादोधक
देवचंद
20
गीत
जंबूपृच्छा चोपाई
देवचंद
19
चरित्र
दिपोत्सवी स्तुति
देवचंद
1855
स्तुति
विचार सज्झाय
देवचंद
18
गीत
वीर स्तवन
देवचंद
20
स्तुति
स्नात्र विधि
देवचंद
20
विधिविधान
गजसुकुमाल सज्झाय
देवचंद
19
गीत