← back to browse · #264
समकितना67बोलनीसज्झायस्तबक
by वाचकजसविजय · 1915 · गुजराती
Details
- Manuscript #
- 264
- Title
- समकितना67बोलनीसज्झायस्तबक
- Author
- वाचकजसविजय
- Language
- गुजराती
- Subject
- वैराग्य
- Year of writing
- 1915 (20th century)
- Condition
- श्रेष्ठ
- Folios
- 21
- Commentator
- —
- Commentary
- —
Source
View this manuscript on the LD Institute of Indology catalogue:
Open on ldindology.org ↗Share
https://mss-mirror.vercel.app/manuscript/264
Related manuscripts
सीमंधरजिनसवासो गाथानुं स्तवन
वाचकजसविजय
18
स्तुति
सील स्वाध्याय
वाचकजसविजय
18
गीत
संयमश्रेणि सज्झायस्तबक
वाचकजसविजय
18
वैराग्य
विहरमान जिनवीसी
वाचकजसविजय
1741
स्तुति
सिद्धचक्रनी ढाल
वाचकजसविजय
1798
विधिविधान
संवेगरंगशाला
जिनचंद्रसूरि
1963
वैराग्य
भावप्रकाशस्वाध्याय
ज्ञानसागर
1874
वैराग्य
वैराग्य कल्पलता (पद्य)
यशोविजय
1952
वैराग्य
समकितना सडसठ बोलनीसज्झाय- अर्थ
उपाध्याय जसविजय
1897
वैराग्य
सम्यक्त्वसप्ततिका प्रकरण
—
15
वैराग्य
आत्मानुशासनप्रकरण
पार्श्वनाग
15
वैराग्य
समकितपचीसी
पद्मविजय
19
वैराग्य