Manuscripts

#TitleAuthorSubjectYearCondition
80999/4 वयरस्वामी गीत सोभागरतन — — —
81002/3 रूपदीप भाषा जयकृष्ण — — —
81003 रूपदीप भाषा जयकृष्ण — — —
81005 होरा प्रदीप महादेव भट्ट — — —
81008/2 सीमंधर स्वामी लेख जयवंत पंडित — — —
81011 षट्कारक सह टिप्पणी — — — —
81014 समवसरण वर्णन गद्य भाषा — — — —
81018 मनोरथ माला — — — —
81019 सूक्तावली — — — —
81020 वीस विहरमान जिनगीत हरखकुशल गणि — — —
81024 उपदेशरत्नकोशकुलं — — — —
81025 सप्त व्यसन गीत रत्ननिधान — — —
81027 सीमंधर स्वामि स्तुति आदि — — — —
81028 पार्श्वनाथ स्तवन पूर्णकलश उपा. — — —
81032 कविकल्पलता-अपूर्ण — — — —
81033 सम्मेत शिखर स्तुति — — — —
81034 सरस्वती स्तुति- यमकमय दंडक पद्धति - 4 — — — —
81035 लोकनालिका - सह स्तबक — — — —
81036 शीयल नववाड स्वाध्याय (जुओ शीलनी नववाड) उदयरत्न (तपा.) — — मध्यम
81040 लक्ष्मी हृदय स्तोत्र (अथर्णव रहस्ये) — — — —
81041 षष्टिशतक प्रकरण नेमिचंद्र भंडारी — — —
81042 संग्राम सुर कथानक - सम्यक्त्व जीवदया विषये मेरुप्रभ सूरि — — —
81045 षट् दर्शन समुच्चय - टिप्पणी सह राजशेखर सूरि — — —
81048 रुपकमाला पुण्यनंदि — — —
81053 सती मालिका रत्ननिधान उपाध्याय — — —
81054 विचार सत्तरी — — — —
81059 वृत्त रत्नाकर छंदः शास्त्र- मूल केदार भट्ट — — —
81066 विद्वज्जन मद भंजन काव्य - सह टिप्पणी — — — —
81067 नयन सुख — — — —
81070 भयहरस्तव विवरण — — — —
81071 आदिनाथ स्तवन — — — —
81075/7 वैराग्यगीत रतननिधान — — —
81079 बारभावना स्वाध्याय- अपूर्ण — — — —
81080 हायन सुंदर ग्रंथ पद्मसुंदर मुनि — — —
81082/6 समय राजोपाध्याय गीत कमलूलाभ — — —
81084 वैराग्य माई — — — —
81088/2 मीमांसार्थ प्रदीप शंकर, (काण्वशंकर शुक्ल) — — —
81089 प्रहेलिका गीत पदमराज — — —
81090 उपसर्गहरस्तोत्र - सावचूरि - पंचपाठ — — — —
81092/2 वासुपूज्य स्तवन यशोविजय उपा. — — —
81093 आलोचना विधि — — — मध्यमजीर्ण
81094 यमकस्तवाव चूरि — — — —
81095 एकादिकियत्संख्यावाचकाशब्दा: — — — —
81097 चतुविँशतिजिनभवसंख्यास्तव — — — —
81100 सामाचारी - सह अव. तिलकसूरि — — —
81103/1 संभवनाथ जन्माभिषेक वृद्ध स्तवन रत्ननिधान पाठक- जनचंद्र सूरि शिष्य — — —
81103/2 वीस विहरमान जिन स्तवन रत्ननिधान पाठक- जिनचंद्रसूरि शिष्य — — —
81104 साधु वंदना जयसोम गणि — — —
81105 स्याद् वाद मंजरी — — — —
81108 अजित शांति स्तव - सस्तबक — — — —