| 81109 |
अनाथीरिषि चोपाइ |
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| 81110 |
केसीगौतम संघि |
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| 81114 |
सिंदूर प्रकरण - सह वृत्ति |
सोमप्रभाचार्य |
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| 81116 |
सामायिक बत्तीसी |
गुणरंग वाचक - प्रमोद माणिक शिष्य |
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| 81122/6 |
वाडी पार्श्वनाथ वृहत्स्तवन |
जिनहर्ष |
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| 81127/1 |
फलवर्द्धि पार्श्वनाथ बृहत्स्वन |
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| 81127/2 |
शंखेश्वर पार्श्वनाथ स्तवन |
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| 81128/3 |
वाडी पार्श्वनाथ स्तवन |
जिनहर्ष |
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| 81129 |
सुभद्रासतीनो चोढालीयो-शीलोपरि |
विजयरत्न तपा. |
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| 81131 |
सिद्धचक्र उजवणा विधि |
जयविजय |
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| 81132 |
वीतराग नमस्कारा: आदि |
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| 81136/1 |
सनत्कुमार गीत |
जिनराज |
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| 81138 |
साठ सवंत्सरी |
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| 81141 |
संबोध सप्ततिका प्रकरण |
जयसिंह सूरि |
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| 81144 |
चौद नियम स्वरूप |
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| 81148 |
सुत्रांरां बोल |
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| 81150/1 |
लाल बावनी |
लालसागर खरतर- क्षेमशाखीय |
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| 81153 |
कुमारसंभव-सप्तम सर्ग पर्यंत |
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| 81155 |
पार्श्वनाथ स्तवन |
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| 81156/2 |
षडायुविचार |
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| 81162 |
पाक्षिक क्षामणानि |
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| 81163 |
विद्याविलास कथा गद्य |
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| 81165 |
वृत्तचंद्रिका |
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| 81170 |
लघुजातक |
वराहमिहिर |
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| 81175 |
गृहयसूत्र पद्धति |
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| 81178 |
लाट्यायन सूत्र |
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| 81180 |
स्वरोदय प्रकरण सह अवचूरि -नरपति जय चर्यान्तर्गत |
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| 81183 |
आतंक दर्पण - अपूर्ण |
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| 81185 |
ज्योतिष - आदि- अंत नथी |
नीलकंठ |
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| 81189 |
लग्नचंद्रिका |
कशीनाथ |
ज्योतिष |
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| 81190 |
खन्धक चोपाई |
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| 81194 |
षट् पंचाशिका- स्तबक सह |
प्रथुयशा: |
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| 81197/2 |
सीमंधर जिन चैत्यवंदन |
शुभविजय |
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| 81197/3 |
वीस स्थानक चैत्यवंदन |
पद्मविजय |
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| 81198 |
विष्णुदिव्य सहस्त्रनाम स्तोत्र |
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| 81200 |
कात्यायनीय यज्ञसूत्र- अध्याय -1-21 |
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| 81202 |
अभिधान चिंतामणि |
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| 81203 |
लघुकथा संग्रह |
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| 81209 |
हरिहर भाष्य |
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| 81214 |
सारस्वत व्याकरण वृत्ति |
माधव भट्ट |
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| 81215 |
प्रयोगदीप (तृतीय प्रकाश किंचिद पूर्ण) |
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| 81219 |
परलेखविचार -ज्योतिष |
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| 81220 |
वैद्यजीवन - सह टिप्पणी |
लोलिंमराज |
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| 81222 |
कर्पूर प्रकरण |
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| 81223 |
अनुत्तरोववाई |
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| 81224/3 |
सवैया |
रुधपति |
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| 81226 |
वैद्यमनोत्सव |
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| 81227 |
लक्षणावली |
अर्थपति |
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| 81231 |
वनस्पति सत्तरी |
मुनिचंद्र सूरि |
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| 81241/2 |
सोल गुण - नारी मध्ये |
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