| 42953/4 |
घनोदधि देवलोक-धनवात-तनवात ( रंगीन ) |
— |
— |
17 |
खंडित |
| 42953/7 |
संग्रहणी अंतर्गत चित्र (रंगीन) |
— |
— |
17 |
श्रेष्ठ |
| 42953/1 |
दश भवन पति चिन्ह, चित्र,बीजी तरफ मेरु |
— |
— |
17 |
श्रेष्ठ |
| 42953/2 |
नरकावास चित्र (रंगीन) |
— |
— |
17 |
खंडित |
| 81969 |
आचारांग सूत्र - दीपिका वृत्ति सह (प्रथम श्रुत स्कंध) |
सुधर्म स्वामी |
— |
17 |
श्रेष्ठ |
| 81967 |
अमरकोश - पंजिका वृत्ति |
रायमुकुट मणि बृहस्पति |
— |
17 |
मध्यम |
| 42925/8 |
तीर्थंकर जन्म (कल्पसूत्र गत) |
— |
— |
17 |
खंडित |
| 49598 |
सर्वतीर्थ शाश्वत जिन प्रासाद बिंब संख्या |
देवेन्द्रमुनि |
— |
17 |
श्रेष्ठ |
| 82337 |
षडदर्शन समुच्चय- सह अवचूरि |
हरिभद्र सूरि |
— |
17 |
— |
| 50098 |
प्रथमजिन स्तवन.... सावचूरि |
— |
स्तोत्र |
1650 |
श्रेष्ठ |
| 48359 |
सर्वारथ सज्झाय |
— |
गीत |
17 |
जीर्णप्राय: |
| 82194 |
सारस्वत व्याकरण वृत्ति |
चंद्रकीर्त्ति सूरि नाग. तपा. |
— |
17 |
— |
| 82320 |
विविक्त नाम संग्रह (अभिधान चिंतामणि नाममाला) विवेक |
भानुचंद्र गणि |
— |
17 |
— |
| 82319 |
सूर्य प्रज्ञप्ति उपांग सूत्र |
— |
— |
17 |
— |
| 82196 |
अनुयोगद्वार सूत्र वृति |
— |
— |
17 |
— |
| 82301 |
हैम उणादिगणि सह विवण (स्वोपज्ञ) |
हेमचंद्र सूरि |
— |
17 |
— |
| 82318 |
कर्पूर प्रकर - सह अवचूरि |
हरि कवि |
— |
17 |
मध्यम |
| 82304 |
कुमारसंभव महाकाव्य वृत्ति |
— |
— |
17 |
मध्यम |
| 45087 |
उपासक दशांग - अंतकृद्दशांग - अनुतरौप पातिक. वृत्ति |
अभयदेव सूरि |
— |
17 |
श्रेष्ठ |
| 45167/2 |
अमरसेन वयरसेन कथा (सुपात्र दाने) (गद्य) |
— |
कथा |
17 |
श्रेष्ठ |
| 38887 |
अनुयोगद्वारमां बतावेल नैगमादि नयोना दृष्टांत आदि |
— |
न्याय |
17 |
श्रेष्ठ |
| 39094/2 |
संज्ञा विचार |
— |
— |
17 |
जीर्ण |
| 82767 |
वैदर्भी चोपई |
प्रेमराज मुनि |
— |
17 |
— |
| 82754 |
सोल सती मासे |
मेघराज मुनि (पार्श्व) |
— |
17 |
— |
| 42925/9 |
आदिनाथ ज्ञान वधामणी |
— |
— |
17 |
खंडित |
| 42953/3 |
लोक नालिका चित्र रंगीन |
— |
— |
17 |
श्रेष्ठ |
| 42925/10 |
समवसरण विगेरे टुकडा |
— |
— |
17 |
खंडित |
| 61002 |
अभिधान चिन्तामणि टीका |
हेमचंद्र |
कोश |
1654 |
मध्यम |
| 44390 |
प्रतिक्रमण सूत्राणि |
— |
— |
1655 |
श्रेष्ठ |
| 32179/14 |
सुबाहु कुमर संधि |
मुनि मेघराज |
चरित्र |
1656 |
श्रेष्ठ |
| 35010 |
श्राद्धविधि |
रत्नशेखर सूरि |
आचार |
1658 |
जीर्ण |
| 45224 |
शांबप्रद्युम्न चोपाई (प्रथमखंड) |
समयसुंदर |
चरित्र |
1659 |
मध्यम |
| 60071 |
सिद्धान्तस्तव वृत्ति |
— |
तत्त्वज्ञान |
1659 |
मध्यम |
| 61258 |
ज्योतिष्करंडक टीका |
— |
— |
1660 |
जीर्ण |
| 59821 |
राज प्रश्नीय सूत्र वृत्ति |
— |
आगम |
1660 |
मध्यम |
| 60610 |
भक्ताम स्तोत्र बालावबोध |
मानतुंगाचार्य |
स्तोत्र |
1661 |
मध्यम |
| 35234 |
संग्रहणी वार्तिक |
— |
लोक |
1666 |
मध्यम |
| 47402/2 |
वीरजिन स्तवन |
शुभ विजय - लालविजय |
— |
1670 |
जीर्ण |
| 59770 |
आचारांग सूत्र टीका |
— |
आगम |
1671 |
मध्यम |
| 83260 |
स्थूलभद्र चंद्रायणा |
गुण सौभाग्य सूरि |
— |
1671 |
— |
| 59856 |
विपाक सूत्र वृत्ति |
— |
आगम |
1671 |
जीर्ण |
| 83119 |
सर्वज्ञशतक प्रकरण - सह बाला. |
— |
— |
1672 |
— |
| 42983 |
विचार सप्ततिकावृत्ति |
— |
तत्त्वज्ञान |
1672 |
जीर्ण-खंडित |
| 40444 |
रत्नसीगुरु गुंहली |
मुनिनानजी |
— |
1673 |
श्रेष्ठ |
| 81088/1 |
प्राकृत प्रकाश टीका- सह मनोरमा |
वररुचि |
— |
1677 |
मध्यमजीर्ण |
| 35371 |
विक्रमादित्य पर काया प्रवेश प्रबंध |
कवि विप्रवस्तु (?) |
— |
1678 |
श्रेष्ठ |
| 35573 |
चतु:शरण प्रकीर्णक |
— |
आगम पयन्नो |
1680 |
श्रेष्ठ |
| 59769 |
आवश्यक सूत्र टीका |
— |
आगम |
1681 |
मध्यम |
| 60544 |
अष्ट स्मरण टीका |
— |
स्तुति |
1682 |
मध्यम |
| 38818 |
प्रश्नोत्तर समुच्चय |
लाभविजय गणि-पंडित कीर्त्तिवि॰ गणि |
प्रश्नोत्तर |
1685 |
श्रेष्ठ |