| 25281/2 |
शाश्वता शाश्वत तीर्थमाला |
— |
— |
18 |
— |
| 24586 |
प्रिय मेलक चौपाई |
समयसुंदर खरतर |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 21813 |
चतुर्विंशति जिन सप्तति शतस्थान कोष्ठक-यंत्र. |
— |
प्रकीर्णक |
18 |
जीर्ण |
| 83485/43 |
सूचि पत्र |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 3785 |
संवेगि चउशाल |
कुशलसंयम |
— |
18 |
जीर्ण |
| 43271 |
श्वेताक्षर मय पत्र संग्रह (जुदां जुदां) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43256 |
सत्तावीस नक्षत्र चित्र |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 43225/3 |
कृष्ण-राजी यंत्र सिंह (रेखाचित्र) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43225/2 |
सूर्य-चंद्र मंडल यंत्र सिंह (रेखाचित्र) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43225/1 |
सूर्य-चंद्र मंडल यंत्र (रेखाचित्र) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43225/4 |
अष्टापद समवसरण विगेरे A-B (रंगीन) |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 43455 |
ज्योतिष विषयक यंत्र पट - सचित्र |
— |
— |
18 |
जीर्ण |
| 43221/2 |
हिंडोलो (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 81210 |
आनंदलहरी स्तोत्र-वृत्ति सह |
शंकराचार्य |
— |
1754 |
मध्यमजीर्ण |
| 80474 |
विक्रमसेन चोपई |
मानसागर र.सं-1724 |
— |
1757 |
— |
| 81907 |
सुंदर शृंगार |
— |
— |
1759 |
— |
| 80735 |
विक्रमसेन चतुष्पदी |
मानसागर र. सं.1724 |
— |
1759 |
— |
| 50162 |
अष्टभंगी |
— |
आचारोपदेश |
1759 |
श्रेष्ठ |
| 80931 |
सारस्वत व्याकरण वृत्ति |
गोपाल भट्ट |
— |
1760 |
— |
| 45321 |
सप्ततिशत स्थानगत कतिचित् स्थानयंत्र |
— |
तत्त्वज्ञान |
1760 |
मध्यम |
| 81980 |
समवायांग सूत्र - सह स्तबक |
सुधर्म स्वामी |
— |
1760 |
— |
| 82184 |
हरिवाहन रास |
मोहन विजय तपा. |
— |
1762 |
— |
| 33280 |
समयसार नाटक (सचित्र) ह.प्र.-384 |
— |
नाटक |
1770 |
श्रेष्ठ |
| 83195/2 |
राधिका शिख नख |
— |
— |
1772 |
मध्यम |
| 83178/1 |
ग्रहभाव प्रकाश (भुवन दीपक) |
प्रद्म प्रभ सूरि |
— |
1775 |
जीर्ण |
| 46135 |
बारभावना वेली |
जससोममुनि |
गीत |
1776 |
जीर्णप्राय: |
| 46536 |
विक्रमराजा चोबोली चोपाइ (तुटक) |
अभय सोम |
चरित्र |
1779 |
श्रेष्ठ |
| 24532 |
चोवीस तीर्थंकर चालीस बोल संग्रह |
— |
प्रकीर्णक |
1780 |
श्रेष्ठ |
| 43429 |
डीसावाल ज्ञातीय गुलाबदासे पुत्र-हरिदास जन्मपत्री |
— |
— |
1781 |
श्रेष्ठ |
| 44682 |
जेसलमेरु दुर्गस्थ पार्श्वनाथ महादंड कमयीस्तुति |
— |
स्तुति |
1783 |
श्रेष्ठ |
| 45119 |
प्रास्ताविक - सुभाषितस्तबक |
— |
सुभाषित |
1785 |
श्रेष्ठ |
| 83366/1 |
गीता माहात्म्य - भाषा टीका सह |
— |
— |
1786 |
मध्यमजीर्ण |
| 43436 |
हस्तरेखा वर्णन - चित्रसह |
— |
— |
1787 |
श्रेष्ठ |
| 46334 |
सप्तसतिका होमविधि |
— |
विधिविधान |
1792 |
जीर्ण |
| 32672 |
भावना वेली |
पंडित जयसोमगणि |
वैराग्य |
1794 |
श्रेष्ठ |
| 82335 |
हीर कलश |
हीरकलश |
ज्योतिष |
1795 |
— |
| 83393/5 |
दिल्ली सुं नादर साहजी माल सर्व उरोलीया पातस्वाह खाजनो तिणरी विगत |
— |
— |
1796 |
मध्यमजीर्ण |
| 80587 |
गौतम कुलक-वृत्ति सह |
ज्ञानतिलक गणि खर. |
— |
1801 |
श्रेष्ठ |
| 58286 |
लीलावती भाषा |
— |
— |
1802 |
मध्यम |
| 81274 |
पंचाख्यानक - पंचतंत्र (द्वितीय तंत्रथी संपूर्ण) |
विष्णु शर्मा |
— |
1802 |
श्रेष्ठ |
| 6468/2 |
भांगछंद |
देदो ? |
छंद |
1802 |
श्रेष्ठ |
| 43499 |
प्रीतम पत्र |
— |
— |
1803 |
जीर्ण |
| 35177 |
नवतत्त्व बालाववोध |
— |
तत्त्वज्ञान |
1805 |
जीर्ण |
| 58397 |
आगम सारोद्धार |
देवचंद्र |
— |
1808 |
मध्यम जीर्ण |
| 34966 |
गौतम पृच्छा बालावबोध |
— |
प्रश्नोत्तर |
1809 |
मध्यम |
| 42978 |
कुतुबुद्वीन सहिजादा वार्ता |
— |
चरित्र |
1809 |
जीर्ण-खंडित |
| 81368 |
कर्मविपाक (ज्ञानभास्करान्तर्गत) |
— |
ज्योतिष |
1811 |
श्रेष्ठ |
| 47269/1 |
पच्चकाण विधि स्तवन [पार्श्वनाथ स्तवन] |
वाचक खेम |
— |
1812 |
श्रेष्ठ |
| 61690 |
अध्यात्म परीक्षा बालावबोध |
— |
अध्यात्म |
1812 |
मध्यम |
| 60934 |
दंडक बालावबोध |
— |
तत्त्वज्ञान |
1813 |
जीर्ण |