| 43162/15 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 42951 |
शकुनावली सचित्र |
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ज्योतिष |
18 |
श्रेष्ठ |
| 42952/1 |
सरस्वती प्रार्थना चित्र (रंगीन) |
— |
व्याकरण |
18 |
खंडित |
| 42925/11 |
चौद सहस्त्र ईन्द्रभूति आदि साधु विगेरे |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 42952/3 |
एकतरफ बे पुरुष, बीजी तरफ अंबिका |
— |
ज्योतिष |
18 |
खंडित |
| 43181 |
शांतिजिन स्तुति-महास्वस्तिक बंध चित्र |
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— |
18 |
जीर्ण-खंडित |
| 43176 |
साधारणजिन स्तवन सचित्र |
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18 |
जीर्ण-खंडित |
| 43190 |
चित्र काव्य सचित्र |
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— |
18 |
जीर्ण-खंडित |
| 43186 |
मेरु पर्वत तथा पार्श्वनाथ स्तवन कल्पवृक्ष चित्र बंध |
— |
स्तुति |
18 |
जीर्ण-खंडित |
| 42952/6 |
लक्ष्मीदेवी (मंत्र) रंगीन |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 42958/4 |
चक्षु स्फुरण सचित्र रंगीन |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 43303 |
नेमिजिन स्तवन- |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 83112 |
विदग्ध मुखमंडन - सह वृत्ति |
धर्मदास कवि |
— |
18 |
— |
| 45979/1 |
कल्पभंखरी - कथाकोष |
जयतिलकसूरि |
— |
18 |
मध्यम |
| 45500/106 |
धूयारिपदानि |
— |
— |
18 |
— |
| 82195 |
विदग्धमुखमंडन- अवचूरि |
धर्मदास गणि |
— |
18 |
— |
| 45265 |
शिशुपाल वध महाकाव्य - टीकासर्वंकशावृत्ति |
मल्लिनाथ सूरि |
काव्य |
18 |
श्रेष्ठ |
| 50531/2 |
अजितनाथ स्तवन |
उदय रत्न |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43209/2 |
पंचागुली मंत्र-यंत्र |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43208/12 |
तीर्थंकर चित्र (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43208/11 |
तीर्थंकर चित्र (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 40121 |
अंतरीक पार्श्वनाथ छंद |
वाचक भावविजय |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 52681 |
भारती अष्टोत्तरशतनाम ज्ञापन स्तोत्र |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 45140/1 |
सीमंधर जिन स्तवन - अष्टभाषामय |
सोम सुंदर शिष्य |
स्तुति |
18 |
मध्यम |
| 82316 |
स्थानांग सूत्र - सह अवचूरि |
सुधर्म स्वामी |
— |
18 |
— |
| 81909 |
अनुमान चिंतामणी - द्वितीय परिच्छेद |
— |
— |
18 |
— |
| 82190 |
उपासक दशांग सूत्र वृत्ति सह |
सुधर्मास्वामी |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 48978 |
मंत्रपत्र |
— |
मंत्र |
18 |
श्रेष्ठ |
| 46629 |
जैनागम नियुर्क्ति-भाष्य-चूर्णि-वृत्तिना ग्रन्थाग्रादि |
— |
सूचि |
18 |
श्रेष्ठ |
| 51515 |
सीमंधर चैत्य वंदन आदि वंदनो |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 81922 |
वाग्भटालंकार व्याख्या (परिच्छेद 1-5) |
सिंहदेव |
— |
18 |
— |
| 81968 |
सिद्धांत रत्नावली वृत्ति (सरस्वती माधवी टीका) |
माधव भट्ट |
— |
18 |
— |
| 81986 |
रामरासो |
माधवदास |
— |
18 |
— |
| 43221/3 |
आचार्यश्री महाप्रभुजी (रंगीन) |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 44416 |
विचारषट् त्रिंशिका - दंडक प्रकरणस्तबक |
गजसार |
तत्त्वज्ञान |
18 |
जीर्णप्राय: |
| 44355 |
प्राचीन पुस्तकोनी - टीपो अने प्राचीन कागलो ठराषो अने कबुलातो ना पत्रो |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 82769 |
वृत्त रत्नाकर |
केदार भट्ट |
— |
18 |
— |
| 44494 |
सप्तति शत स्थान यंत्र |
— |
तत्त्वज्ञान-यंत्र |
18 |
श्रेष्ठ |
| 44734 |
ग्रहाणांम न्तर्दशा यंत्र कोष्ठक |
— |
ज्योतिष |
18 |
मध्यम |
| 25629 |
अढी द्वीपनो नक्शो |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 26709 |
चोवीस तीर्थंकरना माता-पिता नगरादि नाम यंत्रपट |
— |
यंत्र |
18 |
जीर्ण |
| 32833/8 |
वर्त्तमान चोवीसी-चक्रवर्तीआदिना नामो आदि |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 32159 |
उपदेश रत्नकोश |
— |
उपदेश |
18 |
श्रेष्ठ |
| 82788 |
सप्त स्मरण बालावबोध |
— |
— |
18 |
— |
| 43211/6 |
अंबिका तथा सरस्वती |
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— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43210/3 |
छ लेश्या चित्र (रंगीन) |
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18 |
खंडित |
| 43225/5 |
अष्टापद समवसरण विगेरे A-B (रेखाचित्र) |
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18 |
खंडित |
| 43221/1 |
हनुमान (रेखाचित्र) |
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— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 83457/12 |
सोल प्रकारना राजा |
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18 |
श्रेष्ठ |
| 82829 |
हंसराज वत्सराज रास (द्वितीय खंड पर्यंत) |
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18 |
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