| 24066 |
लोकनालिका छुटां पत्रो |
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जैन-भूगोल |
1686 |
श्रेष्ठ |
| 61727 |
उत्तराध्ययन सूत्र वृत्ति |
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आगम |
1689 |
श्रेष्ठ |
| 58109 |
गौतमपृच्छा बालावबोध |
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1696 |
जीर्ण |
| 43431 |
विज्ञप्ति लेख (कागल) राजहंस |
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1699 |
श्रेष्ठ |
| 637 |
महावीरस्तवनत्रिपंचाशिका |
समर चंद्र |
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1699 |
श्रेष्ठ |
| 82518 |
विनय मानवती संवाद |
विनयसागर सूरि |
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1700 |
— |
| 82950 |
कल्पसूत्र बालावबोध |
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1701 |
जीर्ण |
| 82087 |
हरिवंश |
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— |
1705 |
— |
| 83054 |
शालिभद्र रास |
मतिसार |
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1712 |
मध्यमजीर्ण |
| 58420 |
नवकार बालावबोध |
— |
— |
1717 |
श्रेष्ठ |
| 83329/6 |
मास प्रवेश कोष्ठका: |
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1719 |
श्रेष्ठ |
| 39049/1 |
बोध प्रदिप मध्यस्थ भंगुलिक सांप्रदाय- |
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1720 |
श्रेष्ठ |
| 44782 |
कल्याण मंदिर स्तोत्रवृत्ति |
सिद्धसेनसूरि भट्टारक चंद्र शेखरसूरि |
— |
1721 |
श्रेष्ठ |
| 59823 |
कल्प सूत्र |
— |
आगम |
1727 |
जीर्ण |
| 60672 |
धूर्ताख्यान बालावोध |
हरिभद्रसूरि |
कथा |
1728 |
मध्यम |
| 81684 |
वैदर्भी चोपई |
सुमतिहंस -र.सं 1703 |
— |
1728 |
— |
| 82759 |
सिद्धांत शतक - सह स्तबक |
तेजसिंह |
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1733 |
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| 82847 |
चंद्रलेखा चतुष्पदी (जुओ- चंद्रलेहा चोपाई) |
मतिकुशल खरतर |
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1740 |
मध्यम |
| 61489 |
योगशास्त्र बालावबोध |
हेमचंद्र |
योग |
1742 |
जीर्ण |
| 83441/20 |
वंशावली |
— |
— |
18 |
— |
| 83403/53 |
वशीकरण यंत्रो |
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— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 83403/6 |
चोवीस तीर्थंकर आंतरा. नाम. लंछन आदि |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 13379/31 |
नेमिजिन गीत |
लक्ष्मीविजया |
स्तुति |
18 |
श्रेष्ठ |
| 12956/2 |
रोहिणी कथा |
— |
— |
18 |
— |
| 11957 |
विक्रमसेन रास |
कवियण |
चरित्र |
18 |
श्रेष्ठ |
| 7711 |
स्थूलि भद्र नवरसो गीत |
न्यायसागर |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 6299 |
आत्म प्रतिबोध कुलक |
नयसुंदर |
उपदेश |
18 |
श्रेष्ठ |
| 13379/35 |
शालिभद्र स्वाध्याय |
लक्ष्मीविजय |
स्तुति |
18 |
श्रेष्ठ |
| 83355/23 |
सवैया |
सुंदरदास |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 13379/34 |
विजयप्रभ सूरी स्वाध्याय |
— |
स्तुति |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43162/7 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43162/10 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 83441/40 |
सोलंकीयांरी शाख. पांत्रीस नाम |
— |
— |
18 |
मध्यम |
| 13379/32 |
नेमिजिन गीत |
लक्ष्मीविजया |
स्तुति |
18 |
श्रेष्ठ |
| 13379/33 |
विजयदेवसूरि स्वाध्याय |
लक्ष्मीविजया |
स्तुति |
18 |
श्रेष्ठ |
| 80751 |
सारस्वत कृदंत प्रक्रिया |
महीभट्ट(?) |
— |
18 |
— |
| 43138 |
Pothi does not exist in master |
राजरत्न |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43144 |
अतीत, अनागत, वर्त्तमान जिन नमस्कार |
— |
स्तुति |
18 |
जीर्ण |
| 43145 |
सप्रभाविक स्तवन |
— |
स्तुति |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43162/3 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43162/6 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 43162/2 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 42965 |
काली शाहीनां 27 नक्षत्र चित्र सह |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 42952/2 |
शालिभद्र स्त्रीओ साथे (रास) रंगीन |
— |
— |
18 |
खंडित |
| 42995 |
छाया पुरुषज्ञान |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |
| 81904 |
सूक्त संग्रह |
— |
— |
18 |
— |
| 81903 |
लघुक्षेत्र समास प्रकरण- सह विवरण |
रत्नशेखरसूरि |
— |
18 |
— |
| 42996 |
लघुस्तव सचित्र |
— |
स्तोत्र |
18 |
श्रेष्ठ |
| 80457 |
वेताल पचीसी |
खेतसी खरतर |
— |
18 |
— |
| 43162/14 |
चित्र पृष्ठिका (सुशोभन) (रंगीन) |
— |
— |
18 |
श्रेष्ठ |